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by Adam
21 Feb 2020
Forum: Ideological Interpretation of the Yagya History: BK and PBK versions
Topic: SM & AV points for churning – Revised in 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 21.02.2020 तुम हो प्रजापिता ब्रह्मा के बच्चे, ब्राह्मण और ब्राह्मणियाँ। वह ब्राह्मण तो ब्रह्मा बाप को जानते ही नहीं हैं। तुम बच्चे जानते हो - बाप जब आते हैं, तो ब्रह्मा-विष्णु-शंकर भी जरूर चाहिए। कहते ही हैं त्रिमूर्ति शिव भगवानुवाच। अब तीनों द्वारा तो नहीं बोलेंगे ना। यह बाते...
by Adam
20 Feb 2020
Forum: Ideological Interpretation of the Yagya History: BK and PBK versions
Topic: SM & AV points for churning – Revised in 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 20.02.2020 पहले हम आत्मा हैं, पीछे शरीर मिलता है। कोई ने भी अपनी आत्मा को देखा नहीं है। सिर्फ इतना समझते हैं कि आत्मा है। जैसे आत्मा को जानते हैं, देखा नहीं है, वैसे परमपिता परमात्मा के लिए भी कहते हैं, ‘परम आत्मा’, माना परमात्मा, परन्तु उनको देखा नहीं है। न अपने को, न बाप को ...
by Adam
19 Feb 2020
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Topic: SM & AV points for churning – Revised in 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 19.02.2020 बाप ने तो समझाया है, चलते फिरते, उठते बैठते बाप को याद करो, इसके लिए खास बैठने की भी दरकार नहीं। जैसे कोई कहते हैं ‘राम-राम’ कहो; क्या बिगर ‘राम-राम’ कहे याद नहीं कर सकते हैं? याद तो चलते फिरते कर सकते हैं। तुमको तो कर्म करते बाप को याद करना है। आशिक माशूक कोई खास ब...
by Adam
18 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 18.02.2020 तुम यहाँ आये हो अहिल्या बुद्धि से पारसबुद्धि बनने। तो नॉलेज भी धारण करनी चाहिए ना। बाप को पहचानना चाहिए, और पढ़ाई का ख्याल करना चाहिए। समझो आज आये हैं, कल अचानक शरीर छूट जाता है, फिर क्या पद पा सकेंगे? नॉलेज तो कुछ भी उठाई नहीं, कुछ भी सीखे नहीं, तो क्या पद पायेंगे?...
by Adam
17 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 17.02.2020 भगवानुवाच। यह तो बाप ने समझाया है कि मनुष्य को वा देवताओं को ‘भगवान’ नहीं कहा जाता क्योंकि इनका साकारी रूप है। बाकी परमपिता परमात्मा का न आकारी, न साकारी रूप है, इसलिए उनको शिव परमात्माए नम: कहा जाता है। ज्ञान का सागर वह एक ही है। God speaks. The Father has explaine...
by Adam
16 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Avyakt Vani 25.11.1985, Revised on 16.02.2020 निश्चयबुद्धि की निशानी विजय है, इसलिए गायन है, ‘निश्चयबुद्धि विजयन्ती’। ... विजयी रत्न सदा हार में भी जीत, जीत में भी जीत अनुभव करेंगे। The sign of your intellect having faith is victory. This is why there is the praise, ‘those whose intellects have fait...
by Adam
15 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 15.02.2020 बच्चों की बुद्धि में ज्ञान और योग का कान्ट्रास्ट स्पष्ट होना चाहिए। बाप जो कहते हैं, ‘मुझे याद करो’, यह ज्ञान नहीं है। यह तो बाप डायरेक्शन देते हैं, इनको योग कहा जाता। ज्ञान है सृष्टि चक्र कैसे फिरता है - उसकी नॉलेज। योग अर्थात् याद। बच्चों का फर्ज है बाप को याद करन...
by Adam
14 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 14.02.2020 जो सर्विस नहीं करते हैं, तो जरूर कुछ जन्म बाद में आयेंगे। समझते हैं हम तो नापास हो जायेंगे, पिछाड़ी में आ जायेंगे। स्कूल में दौड़ी पहन निशाने तक आकर फिर वापिस लौटते हैं ना। सब एक-रस हो न सकें। रेस में ज़रा पाव-इंच का भी फर्क पड़ता है तो प्लस में आ जाता है, यह भी अश्...
by Adam
13 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 13.02.2020 ‘ओम्’ का अर्थ ही है ‘अहम्’, मैं आत्मा। मनुष्य फिर समझते ‘ओम्’ माना भगवान, परन्तु ऐसे है नहीं। ‘ओम्’ माना मैं आत्मा, मेरा यह शरीर है। कहते हैं ना, ‘ओम् शान्ति’; अहम् आत्मा का स्वधर्म है शान्त। आत्मा अपना परिचय देती है। मनुष्य भल ‘ओम् शान्ति’ कहते हैं, परन्तु ‘ओम्’ का...
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12 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 12.02.2020 बच्चे सतसंग में बैठे हो, इस ‘सत के संग’ में कल्प-कल्प संगम पर ही बच्चे बैठते हैं। दुनिया तो यह नहीं जानती कि ‘सत का संग’ किसको कहा जाता है। सतसंग नाम यह अविनाशी चला आता है। भक्ति मार्ग में भी कहते हैं, ‘हम फलाने सतसंग में जाते हैं’। अब वास्तव में भक्ति मार्ग में कोई...
by Adam
11 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 11.02.2020 तुम बच्चों को अभी बाप मिला है, भक्तों को भगवान् मिला है; कहते भी हैं, ‘भक्ति के बाद, भगवान् आकर भक्ति का फल देते हैं’, क्योंकि मेहनत करते हैं तो फल भी मांगते हैं। ... तुम आधाकल्प भक्ति मार्ग में धक्के खाकर थक गये हो। भक्ति में बहुत मेहनत की है। यह भी ड्रामा में नूँध...
by Adam
10 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 10.02.2020 इन लक्ष्मी-नारायण के चित्र को देखकर तो सारा दिन हर्षित रहना चाहिए। तुम तो बहुत बड़े आदमी हो, इसलिए तुम्हारी कोई भी जंगली चलन नहीं होनी चाहिए। तुम जानते हो हम बन्दर से भी बदतर थे। अभी बाबा हमको ऐसा (देवी-देवता) बनाते हैं, तो कितनी खुशी होनी चाहिए। परन्तु वन्डर है बच्...
by Adam
09 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Avyakt Vani 20.11.1985, Revised on 09.02.2020 आज ब्राह्मणों के रचयिता बाप अपने छोटे से अलौकिक सुन्दर संसार को देख रहे हैं। यह ब्राह्मण संसार सतयुगी संसार से भी अति न्यारा और अति प्यारा है। Today, the Father (Shiva), the Creator of Brahmins, is looking at His small, beautiful and alokik world. This B...
by Adam
08 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 08.02.2020 रूहानी बाप तो सबका एक ही है। फादर को कभी सर्वव्यापी नहीं माना जाता है। तो जितना हो सके बच्चे पहले-पहले बाप को याद करो, कोई भी साकार वा आकार को याद नहीं करो, सिवाए एक बाप के। यह तो बिल्कुल सहज है ना? मनुष्य कहते हैं हम बिजी रहते हैं, फुर्सत नहीं। परन्तु इसमें तो फुर्...
by Adam
07 Feb 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 07.02.2020 तो तुम बाप के ग्लानि की बातें मत सुनो। बाप कहते हैं, मेरी कितनी ग्लानि करते हैं। तुमको मालूम है - कृष्ण के भक्त के आगे धूप जगाते हैं, तो राम के भक्त नाक बंद कर लेते हैं। एक-दो की खुशबू भी अच्छी नहीं लगती। आपस में जैसे दुश्मन हो जाते हैं। अब तुम हो राम वंशी। दुनिया ह...