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by Adam
06 Jul 2020
Forum: Ideological Interpretation of the Yagya History: BK and PBK versions
Topic: SM & AV points for churning – Revised in 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 06.07.2020 स्टूडेन्ट सब स्कूल में पढ़ते हैं, तो उनको यह मालूम रहता है कि हमको पढ़कर क्या बनने का है। मीठे-मीठे रूहानी बच्चों की बुद्धि में आना चाहिए कि हम सतयुग, पारसपुरी के मालिक बनते हैं। इस देह के सम्बन्ध आदि सब छोड़ने हैं। अब हमको पारसपुरी का मालिक, पारसनाथ बनना है; सारा द...
by Adam
05 Jul 2020
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Topic: SM & AV points for churning – Revised in 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Avyakt Vani 20.02.1986, Revised on 05.07.2020 उड़ती कला होना अर्थात् सर्व का भला होना। जब सभी बच्चों की एकरस उड़ती कला बन जायेगी, तो सर्व का भला, अर्थात् परिवर्तन का कार्य सम्पन्न हो जायेगा! “When there is the flying stage, it means there is benefit for EVERYONE. When ALL the children have a ‘consta...
by Adam
04 Jul 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 04.07.2020 मनुष्यों ने आसुरी मत पर बाप का कितना तिरस्कार किया है। बाप अब सब पर उपकार करते हैं। तुम बच्चों को भी उपकार करना चाहिए। किसी पर भी अपकार नहीं, कुदृष्टि भी नहीं। अपना ही नुकसान करते हैं। वह वायब्रेशन फिर दूसरों पर भी असर करता है। बाप कहते हैं - बहुत बड़ी मंजिल है। रोज...
by Adam
03 Jul 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 03.07.2020 मनुष्य शान्ति चाहते हैं, परन्तु वहाँ (शान्ति धाम) कोई भी जा नहीं सकते। बाप कहते हैं - मैं जब तक यहाँ भारत में न आऊं, तब तक मेरे सिवाए तुम बच्चे जा नहीं सकते। भारत में ही शिवजयन्ती गाई जाती है। निराकार जरूर साकार में आयेगा ना। शरीर बिगर आत्मा कुछ कर सकती है क्या? ......
by Adam
02 Jul 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 02.07.2020 बाप बच्चों को समझाते हैं - जब यहाँ बैठते हो, तो ऐसे भी नहीं कि सिर्फ शिवबाबा की याद में रहना है। वह हो जायेगी सिर्फ शान्ति; फिर सुख भी चाहिए। तुमको शान्ति में रहना है, और स्वदर्शन चक्रधारी बन, राजाई को भी याद करना है। तुम पुरूषार्थ करते ही हो नर से नारायण, अथवा मनुष...
by Adam
01 Jul 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 01.07.2020 ‘शिव भगवानुवाच’। ‘रूद्र भगवानुवाच’ भी कहा जा सकता है क्योंकि ‘शिव माला’ नहीं गाई जाती है। जो मनुष्य भक्ति मार्ग में बहुत फेरते हैं, उसका नाम रखा हुआ है ‘रूद्र माला’। बात एक ही है, परन्तु राइट-वे में शिवबाबा पढ़ाते हैं - वह नाम ही होना चाहिए, परन्तु ‘रूद्र माला’ नाम ...
by Adam
30 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 30.06.2020 ‘ओम् शान्ति, ओम् शान्ति’, तो बहुत मनुष्य कहते रहते हैं। बच्चे भी कहते हैं, ‘ओम् शान्ति’। अन्दर जो आत्मा है - वह कहती है ‘ओम् शान्ति’। परन्तु आत्मायें तो यथार्थ रीति अपने को जानती नहीं हैं, न बाप को जानती हैं। भल पुकारते हैं, परन्तु बाप कहते हैं - मैं जो हूँ, जैसा हू...
by Adam
29 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 29.06.2020 बाप आकर भारतवासी बच्चों को समझाते हैं, ‘अपने को आत्मा समझो, और बाप को याद करो’; यह बाप ने खास फ़रमान किया है, तो वह मानना चाहिए ना? ऊंच ते ऊंच बाप की श्रीमत मशहूर है। यह भी तुम बच्चों को ज्ञान है कि सिर्फ शिवबाबा को ही ‘श्री-श्री’ कह सकते हैं। वही श्री (लक्ष्मी) श्र...
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28 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Avyakt Vani 18.02.1986, Revised on 28.06.2020 आज ज्ञान सागर बाप, अपनी ज्ञान गंगाओं को देख रहे हैं। ज्ञान सागर से निकली हुई ज्ञान गंगायें कैसे और कहाँ-कहाँ से पावन करते हुए, इस समय, सागर और गंगा का मिलन मना रहीं हैं। यह गंगा सागर का मेला है, जिस मेले में चारों ओर की गंगायें पहुंच गई। बापदादा भी ज्ञान...
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27 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 27.06.2020 एक बाप को ही याद करना है; इसलिए ही बाप की महिमा है - तुम्हारा मात-पिता आदि सब कुछ वही है, उनको ही याद करो। वह तुमको भविष्य के लिए सब कुछ नया देते हैं। नये संबंध में ले आते हैं। सम्बन्ध तो वहाँ भी होगा ना। ऐसे तो नहीं कि कोई प्रलय हो जाती है। तुम एक शरीर छोड़ फिर दूस...
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26 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 26.06.2020 बाप भी ‘स्वदर्शन चक्रधारी’ कहलाते हैं क्योंकि सृष्टि के आदि मध्य अन्त को जानना - यह है ‘स्वदर्शन चक्रधारी’ बनना। यह बातें सिवाए बाप के और कोई समझा न सके। तुम ब्राह्मणों का सारा मदार है साइलेन्स पर। ... बाप तुम बच्चों को समझाते हैं, तुम हर एक ‘स्वदर्शन चक्रधारी’ हो -...
by Adam
25 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 25.06.2020 वृक्षपति, अथवा इस मनुष्य सृष्टि रूपी झाड़ का जो बीजरूप है, चैतन्य (sentient) है, वही इस झाड़ के आदि-मध्य-अन्त को जानते हैं; और जो भी वृक्ष (के बीज) हैं, वह सब जड़ (insentient) होते हैं। ... तो बच्चे जानते हैं यह (शिव बाप) है वृक्षपति। उनको फादर, रचता भी कहते हैं, झा...
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24 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Invaluable versions of Mateshwariji - Revised on 24.06.2020 तो मनुष्य सृष्टि को सुखदाई बनाने वाला (शिव) बाप जानता है कि मनुष्य सृष्टि सुखदाई कैसे बनेगी? जब तक आत्मायें स्वच्छ नहीं बनी हैं, तब तक संसार सुखदाई नहीं हो सकता है, इसलिये वो आ करके पहले-पहले आत्माओं को ही स्वच्छ बनाते हैं। “The Father (Shi...
by Adam
23 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 23.06.2020 जो जितनी-जितनी मेहनत करते हैं, उतना उनमें खुशी आयेगी। जैसे इम्तहान के दिन होते हैं, तो स्टूडेन्ट समझ जाते हैं ना - हम कहाँ तक पास होंगे। यहाँ भी ऐसे है - हर एक बच्चा अपने को जानते हैं कि कहाँ तक हम खुशबूदार फूल बने हैं; कितना खुशबूदार फिर औरों को बनाते हैं! “The mor...
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22 Jun 2020
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SM & AV points for churning – Revised in 2020

Sakar Murli Revised on 22.06.2020 यहाँ तो सब धर्म वालों के लिए एक ही टोटका है, ‘मनमनाभव’ - क्योंकि ‘गॉड इज वन’। मनुष्य से देवता बनने, वा मुक्ति-जीवनमुक्ति पाने की तदबीर एक ही है - सिर्फ बाप को याद करना है, तकलीफ की कोई बात नहीं। सोचना चाहिए मुझे याद क्यों नहीं ठहरती! सारे दिन में इतना थोड़ा क्यों या...